हवाई जहाज की यात्रा के दौरान कान मैं दर्द क्यों होता है ?

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हवाई जहाज की यात्रा के दौरान कान मैं दर्द क्यों होता है ?

कारण
कान नाक के इस तकलीफ को ENT प्रॉब्लम कहते हैं l यह समस्या इसलिए होता है क्योंकि हवाई जहाज को टेकऑफ लेने से पहले उसका केबिन प्रेशर और बाहर का प्रेशर जिसे ग्राउंड लेवल प्रेशर कहते हैं दोनों बराबर होता है l
लेकिन जब हवाई जहाज उड़ान भरता है और और क्रूजिंग एल्टीट्यूड प्राप्त करने की ओर बढ़ता है तब हवाई जहाज का केबिन प्रेशर गिरने लगता है और तब तक गिरता है जब तक कि एयर प्रेशर 6000 से 8000 फुट के एयर प्रेशर के बराबर नहीं हो जाता है l हवाई जहाज के केबिन प्रेशर को इसे प्रेशर पर मेंटेन किया जाता है बावजूद इसके हवाई जहाज ज्यादा एटीट्यूड ऊंचाई पर उड़ान भरता रहता है l हवाई जहाज नीचे उतरता है तब केबिन प्रेशर बढ़ने लगता है  जब तक की और ग्राउंड प्रेशर एक बराबर नहीं पहुंच जाता l

लक्षण
हवाई जहाज के टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान एयर प्रेशर मैं बदलाव आने के कारण नाक और कान में डिस्कंफर्ट और दर्द महसूस होता है हमारे कानों के बीच के एयर प्रेशर अत्यन्त सेंसिटिव होते हैं जो वातावरण के एयर प्रेशर के हिसाब से बदल जाते हैं
जिस कारण जब हवाई जहाज ऊपर की ओर उड़ान भरता है   कानों के बीच से हवा बाहर की तरफ निकल रहा हो ऐसा महसूस होता है और कानों में फर फर आहट सा महसूस होता है l
और जब हवाई जहाज लैंडिंग करता रहता है उस समय कान और नाक में दर्दऔर  ब्लॉकेज महसूस होता है l
यह दर्द तब तक होता है जब तक कि कानों के बीच मैं एयर प्रेशर बराबर ना हो जाए

एहतियात
नोज स्प्रे या ड्रॉप का उपयोग करें
च्युइंगगम चबाके रहने से 
लैंडिंग के समय सोने से बचे
अगर आपको सर्दी जुकाम नाक कान का इंफेक्शन हो तो  उड़ान से बचे
ऐसा करने से मदद मिल सकती है 

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